अगर आपने पिछले कुछ सालों में कई बीमा पॉलिसियां ली हैं, कंपनियां बदली हैं या क्लेम किया है, तो इस बात की पूरी गुंजाइश है कि आपके रेकॉर्ड अलग-अलग कंपनियों और एजेंटों के पास बिखरे हुए हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपके लिए अपने ही रेकॉर्ड देखना या कंपनी बदलना मुश्किल हो जाता है। इसे हल करने के लिए भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री (PIR) और बीमा सुगम प्लेटफॉर्म जैसी दो बड़ी योजनाओं पर काम कर रहा है। इसी मसले पर पिछले दिनों IRDAI ने दिल्ली में बीमा कंपनियों के साथ एक बैठक की।
क्या है PIR?
पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री (PIR) एक ऐसा डिजिटल सिस्टम होगा जो आपकी सहमति से चलेगा। इसमें आपकी पॉलिसी से जुड़ी हर जानकारी होगी। जैसे, पॉलिसी कब जारी हुई। आपके क्लेम की हिस्ट्री और शिकायतें-समाधान की स्थिति।
क्या है फायदा?
इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, इससे ग्राहकों को अपनी सारी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी, चाहे उनकी पॉलिसी किसी भी कंपनी की हो। अभी यह डेटा हर कंपनी अलग-अलग रखती है। ऐसे में इसे ट्रांसफर करना या एक्सेस करना मुश्किल होता है। एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में इससे ग्राहकों को उनकी जरूरत के हिसाब से बेहतर और सस्ते इंश्योरेंस प्लान भी मिल सकेंगे। IRDAI के चेयरमैन अजय सेठ ने कहा कि प्रस्तावित PIR से ग्राहकों की अनुमति से डेटा तक पहुंच आसान होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
कैसे दूर होंगी मुश्किलें?
Probus की सीईओ और प्रिंसिपल ऑफिसर तृप्ति बालासुब्रमण्यम का कहना है कि PIR बिखरी हुई जानकारियों को एक जगह समेट देगा। आज ग्राहकों को अपना रेकॉर्ड ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे क्लेम मिलने में भी देरी होती है। डेटा एक जगह होने से क्लेम जल्दी सेटल होंगे और बीमा प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
क्या है अहम?
- PIR के साथ-साथ IRDAI ‘बीमा सुगम’ प्लैटफॉर्म भी विकसित कर रहा है।
- PIR में बीमा पॉलिसी लेने से लेकर क्लेम और शिकायतों तक का सारा डेटा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा।
- ‘बीमा सुगम’ के जरिए ग्राहक ऑनलाइन पॉलिसी की तुलना कर सकेंगे।
- अपनी पॉलिसियो को ऑनलाइन मैनेज कर सकेंगे।
- क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज होगी, कंपनियों के बीच पॉलिसी पोर्ट करना आसान होगा।
- डेटा पूरी तरह सुरक्षित होगा, ग्राहक की सहमति के बाद ही एक्सेस किया जा सकेगा।
क्या है बीमा सुगम?
PIR के साथ-साथ IRDAI ‘बीमा सुगम’ प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहक अलग-अलग बीमा प्रोडक्ट्स की तुलना कर सकेंगे। पॉलिसी खरीद सकेंगे। अपनी पॉलिसियों को ऑनलाइन मैनेज कर सकेंगे। IRDAI ने साफ किया है कि ‘बीमा सुगम’ तभी बेहतर काम कर पाएगा जब PIR (रजिस्ट्री) पूरी तरह तैयार हो। रजिस्ट्री से ही जरूरी डेटा मिल पाएगा।





